आदि पर्व  अध्याय ३५

सूत उवाच

देवा वासुकिना सार्धं पितामहमथाव्रुवन् |  ५   क
भगवञ्शापभीतोऽय़ं वासुकिस्तप्यते भृशम् ||  ५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति