menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अक्षौहिण्यो हि ताः सर्वा रक्षिष्यन्ति जय़द्रथम् |  २०   क
द्रोणश्च सह पुत्रेण सर्वास्त्रविधिपारगः ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति