आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ३५

वासुदेव उवाच

व्रह्मप्रोक्तमिदं धर्ममृषिप्रवरसेवितम् |  १२   क
वेदविद्यासमावाप्यं तत्त्वभूतार्थभावनम् ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति