आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ३५

व्रह्मो उवाच

अन्योन्यनिय़तान्वैद्यान्धर्मसेतुप्रवर्तकान् |  २६   क
तानहं सम्प्रवक्ष्यामि शाश्वतान्लोकभावनान् ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति