menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्र देवाः सगन्धर्वाः पितरश्चाव्रुवन्नृप |  ३३   क
एते द्रवन्ति पाञ्चालाः पाण्डवाश्च ससैनिकाः ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति