menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स तु दृष्ट्वा विमुह्यन्तं स्वय़मेवोत्तरस्ततः |  १९   क
कवचेन महार्हेण समनह्यद्वृहन्नडाम् ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति