menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
मा त्वं राजन्व्याहर व्याहरत्सु; न तिष्ठसे क्रोशमात्रे रणार्धे |  ७३   क
भीमस्तु मामर्हति गर्हणाय़; यो युध्यते सर्वय़ोधप्रवीरः ||  ७३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति