वन पर्व  अध्याय ९०

लोमश उवाच

यथा तीर्थानि गच्छेत गाश्च दद्यात्स पार्थिवः |  ४   क
तथा सर्वात्मना कार्यमिति मां विजय़ोऽव्रवीत् ||  ४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति