menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तावन्योन्यं समासाद्य वृषभौ सर्वधन्विनाम् |  ४४   क
विसृजन्तौ शरांश्चित्रान्विभ्राजेतां मनस्विनौ ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति