menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तय़ोश्चिन्ता समभवत्त्रितं गृह्य परन्तप |  १५   क
याज्यान्सर्वानुपादाय़ प्रतिगृह्य पशूंस्ततः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति