menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अथ त्रितो वृकं दृष्ट्वा पथि तिष्ठन्तमग्रतः |  २५   क
तद्भय़ादपसर्पन्वै तस्मिन्कूपे पपात ह |  २५   ख
अगाधे सुमहाघोरे सर्वभूतभय़ङ्करे ||  २५   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति