menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
भ्रातृभ्यां पशुलुव्धाभ्यामुत्सृष्टः स महातपाः |  २८   क
उदपाने महाराज निर्जले पांसुसंवृते ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति