menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
पांसुग्रस्ते ततः कूपे विचिन्त्य सलिलं मुनिः |  ३२   क
अग्नीन्सङ्कल्पय़ामास होत्रे चात्मानमेव च ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति