menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
वर्तमाने तथा यज्ञे त्रितस्य सुमहात्मनः |  ३६   क
आविग्नं त्रिदिवं सर्वं कारणं च न वुध्यते ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति