आदि पर्व  अध्याय ३६

सूत उवाच

यथा पाण्डुर्महावाहुर्धनुर्धरवरो भुवि |  ९   क
वभूव मृगय़ाशीलः पुरास्य प्रपितामहः ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति