शान्ति पर्व  अध्याय ३६

व्यास उवाच

क्रतुना चाश्वमेधेन पूय़ते नात्र संशय़ः |  ६   क
य चास्यावभृथे स्नान्ति केचिदेवंविधा नराः ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति