menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३६
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
गान्धार्याश्चैव यद्दुःखं हृदि तिष्ठति पार्थिव |  १७   क
कुन्त्याश्च यन्महाराज द्रौपद्याश्च हृदि स्थितम् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति