वन पर्व  अध्याय ३६

भीमसेन उवाच

प्रत्यक्षं मन्यसे कालं मर्त्यः सन्कालवन्धनः |  २   क
फेनधर्मा महाराज फलधर्मा तथैव च ||  २   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति