menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
न स वीरो न मातङ्गो न सदश्वोऽस्ति भारत |  ८४   क
यः सहेत गदावेगं मम क्रुद्धस्य संय़ुगे ||  ८४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति