menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८५
chevron_left
chevron_right
सूर्य उवाच
त्व हि नित्यं नरव्याघ्र स्पर्धसे सव्यसाचिना |  १५   क
सव्यसाची त्वय़ा चैव युधि शूरः समेष्यति ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति