menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३६
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
उत्पाता दारुणाश्चैव शुभाश्च जनमेजय़ |  १६   क
सरस्वत्याः शुभे तीर्थे विहिता वै महात्मना |  १६   ख
तस्य नाम्ना च तत्तीर्थं गर्गस्रोत इति स्मृतम् ||  १६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति