आदि पर्व  अध्याय ३७

सूत उवाच

यदि राजा न रक्षेत पीडा वै नः परा भवेत् |  २३   क
न शक्नुय़ाम चरितुं धर्मं पुत्र यथासुखम् ||  २३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति