सभा पर्व  अध्याय ३७

वैशम्पाय़न उवाच

पार्थिवान्पार्थिवश्रेष्ठ शिशुपालोऽल्पचेतनः |  १०   क
सर्वान्सर्वात्मना तात नेतुकामो यमक्षय़म् ||  १०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति