menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
भीष्मद्रोणमुखास्तत्र कुरूणां रथसत्तमाः |  २   क
वित्रस्तमनसः सर्वे धनञ्जय़कृताद्भय़ात् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति