menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यादृशान्यत्र रूपाणि सन्दृश्यन्ते वहून्यपि |  ७   क
यत्ता भवन्तस्तिष्ठन्तु स्याद्युद्धं समुपस्थितम् ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति