menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ३७
chevron_left
chevron_right
श्रीभगवानु उवाच
सर्वस्य चाहं हृदि संनिविष्टो; मत्तः स्मृतिर्ज्ञानमपोहनं च |  १५   क
वेदैश्च सर्वैरहमेव वेद्यो; वेदान्तकृद्वेदविदेव चाहम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति