भीष्म पर्व  अध्याय ३७

श्रीभगवानु उवाच

यो मामेवमसंमूढो जानाति पुरुषोत्तमम् |  १९   क
स सर्वविद्भजति मां सर्वभावेन भारत ||  १९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति