menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ३७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सुशर्मा तु ततो राजन्वाणेनानतपर्वणा |  ३०   क
अर्जुनं हृदय़े विद्ध्वा विव्याधान्यैस्त्रिभिः शरैः |  ३०   ख
स गाढविद्धो व्यथितो रथोपस्थ उपाविशत् ||  ३०   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति