menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
दक्षेण यजता चापि गङ्गाद्वारे सरस्वती |  २६   क
विमलोदा भगवती व्रह्मणा यजता पुनः |  २६   ख
समाहूता यय़ौ तत्र पुण्ये हैमवते गिरौ ||  २६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति