menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तत्र चैव महाराज दीक्षिते प्रपितामहे |  ७   क
यजतस्तत्र सत्रेण सर्वकामसमृद्धिना ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति