menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सोऽनुनीतो नरव्याघ्रो विष्टरश्रवसा स्वय़म् |  २७   क
द्वैपाय़नेन च तथा देवस्थानेन जिष्णुना ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति