menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ४५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स्थूणासहस्रैर्वृहतीं शतद्वारां सभां मम |  ४६   क
मनोरमां दर्शनीय़ामाशु कुर्वन्तु शिल्पिनः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति