menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४६
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तदपश्यत पाञ्चाली दिव्यगन्धं मनोरमम् |  ७   क
अनिलेनाहृतं भूमौ पतितं जलजं शुचि ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति