आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ४५

व्रह्मो उवाच

त्रीणि कर्माणि यानीह व्राह्मणानां तु जीविका |  २२   क
याजनाध्यापने चोभे शुद्धाच्चापि प्रतिग्रहः ||  २२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति