menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ३८
chevron_left
chevron_right
विदुर उवाच
निरर्थं कलहं प्राज्ञो वर्जय़ेन्मूढसेवितम् |  २८   क
कीर्तिं च लभते लोके न चानर्थेन युज्यते ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति