menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५६
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
विस्रंसय़न्ति मन्त्रं च विवृण्वन्ति च दुष्कृतम् |  ५७   क
लीलय़ा चैव कुर्वन्ति सावज्ञास्तस्य शासनम् |  ५७   ख
अलङ्करणभोज्यं च तथा स्नानानुलेपनम् ||  ५७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति