भीष्म पर्व  अध्याय ३८

श्रीभगवानु उवाच

आसुरीं योनिमापन्ना मूढा जन्मनि जन्मनि |  २०   क
मामप्राप्यैव कौन्तेय़ ततो यान्त्यधमां गतिम् ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति