menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ३८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सर्वमूर्धावसिक्तानामाचार्यो व्रह्मवित्तमः |  १६   क
अर्जुनस्य सुतं मूढं नाभिहन्तुमिहेच्छति ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति