menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ३८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
जनस्थाने शिरश्छिन्नं राक्षसस्य दुरात्मनः |  १०   क
क्षुरेण शितधारेण तत्पपात महावने ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति