menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३९
chevron_left
chevron_right
व्रह्मो उवाच
यत्किञ्चिदिह वै लोके सर्वमेष्वेव तत्त्रिषु |  २१   क
त्रय़ो गुणाः प्रवर्तन्ते अव्यक्ता नित्यमेव तु |  २१   ख
सत्त्वं रजस्तमश्चैव गुणसर्गः सनातनः ||  २१   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति