आश्रमवासिक पर्व  अध्याय ३९

व्यास उवाच

गन्धर्वराजो यो धीमान्धृतराष्ट्र इति श्रुतः |  ८   क
स एव मानुषे लोके धृतराष्ट्रः पतिस्तव ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति