menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ४
chevron_left
chevron_right
धौम्य उवाच
न कर्मणि निय़ुक्तः सन्धनं किञ्चिदुपस्पृशेत् |  ४२   क
प्राप्नोति हि हरन्द्रव्यं वन्धनं यदि वा वधम् ||  ४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति