उद्योग पर्व  अध्याय ३९

विदुर उवाच

न कश्चिन्नापनय़ते पुमानन्यत्र भार्गवात् |  २८   क
शेषसम्प्रतिपत्तिस्तु वुद्धिमत्स्वेव तिष्ठति ||  २८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति