उद्योग पर्व  अध्याय ३९

विदुर उवाच

न स क्षय़ो महाराज यः क्षय़ो वृद्धिमावहेत् |  ५   क
क्षय़ः स त्विह मन्तव्यो यं लव्ध्वा वहु नाशय़ेत् ||  ५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति