menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ४
chevron_left
chevron_right
कृप उवाच
दिष्ट्या ते प्रतिकर्तव्ये मतिर्जातेय़मच्युत |  १   क
न त्वा वारय़ितुं शक्तो वज्रपाणिरपि स्वय़म् ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति