menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १६
chevron_left
chevron_right
कृष्ण उवाच
एवमस्त्विति तद्वाक्यं मय़ोक्तः प्राह शङ्करः |  ४   क
ततो मां जगतो माता धरणी सर्वपावनी |  ४   ख
उवाचोमा प्रणिहिता शर्वाणी तपसां निधिः ||  ४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति