menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्विरंशे पिप्पलस्तत्र द्विरंशे च शशो महान् |  १६   क
सर्वौषधिसमावापैः सर्वतः परिवृंहितः |  १६   ख
आपस्ततोऽन्या विज्ञेय़ा एष सङ्क्षेप उच्यते ||  १६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति