menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यौनात्सम्वन्धकाल्लोके विशिष्टं सङ्गतं सताम् |  ११   क
सद्भिः सह नरश्रेष्ठ प्रवदन्ति मनीषिणः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति