menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
समुद्र इव सिन्धूनां ज्योतिषामिव भास्करः |  २   क
सत्यस्य च यथा सन्तो वीजानामिव चोर्वरा ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति