menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सज्ञातिवान्धवः शूरः समरे युद्धदुर्मदः |  ५३   क
रणे कृत्वा महाय़ुद्धं घोरं त्रैलोक्यविश्रुतम् ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति